Bihar Politics: 16 जून को होगा नीतीश कुमार कैबिनेट का विस्तार, 3 विधायक बन सकते हैं मंत्री

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Patna: Bihar Politics: बिहार की राजनीति (Politics of Bihar) में इस समय सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है इसी को देखते हुए सीएम नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) ने कैबिनेट (Cabinet) का विस्तार अब 16 जून (June 16) को करेंगे. राज्यपाल (Governor) सुबह साढ़े 10 बजे नए मंत्री (Minister) को शपथ दिलाएंगे. मिली जानकारी के अनुसार, जेडीयू विधायक रत्नेश सदा (JDU MLA Ratnesh Sada) को मंत्री (Minister) बनाया जा सकता है.

सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार आरजेडी (RJD) खाते से भी कुछ विधायक (MLA) मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं. कुल मिलाकर 3 विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई जा सकती है. बिहार पूर्व के मुख्यमंत्री (Former Chief Minister) और हिन्दुस्तान आवाम मोर्चा (Hindustan Awam Morcha) के प्रमुख जीतन राम मांझी (Chief Jitan Ram Manjhi) ने बुधवार को कहा कि हमने इतने दिनों से उन्हें देखा परखा और समझा फिर जाकर यह निर्णय लिया कि अब इन्हें छोड़ना ही पड़ेगा. जीतन राम मांझी (Jitan Ram Manjhi) ने कहा-यह जनता की आवाज़ थी.

जीतन राम मांझी (Jitan Ram Manjhi) ने सीएम नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) से कहा- हमने अपनी बातें कही, उन्होंने कहा कि पार्टी में आ जाएं या फिर बाहर चले जाएं. चाहे ललन सिंह (Lalan Singh) हो, तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) हो या सीएम नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) हो मुझे किसी से व्यक्तिगत कोई दिक्कत नहीं है लेकिन जनहित के साथ समझौता करूंगा.

सूत्रों ने बताया कि बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा (BJP President JP Nadda) और गृह मंत्री अमित शाह (Home Minister Amit Shah) ने बिहार बीजेपी नेताओं (Bihar BJP leaders) को चर्चा के लिए दिल्ली (Delhi) बुलाया है. माना जा रहा है कि हिन्दुस्तान आवाम मोर्चा (Hindustan Awam Morcha) को एनडीए (NDA) में शामिल होने को लेकर चर्चा हो सकती हैं.

हिन्दुस्तान आवाम मोर्चा (Hindustan Awam Morcha) के नेता संतोष सुमन (Santosh Suman) ने इस्तीफा (Resignation) देने के बाद नीतीश कुमार पर आरोप लगाया कि वे पार्टी का विलय जदयू में करने का दबाव डाल रहे थे.

आप को बता दें कि बिहार सरकार के मंत्री संतोष सुमन (Santosh Suman) ने इस्तीफा (Resignation) देने के बाद नीतीश कुमार (Nitish Kumar) पर आरोप लगाया कि वे पार्टी का विलय जदयू (JDU) में करने का दबाव डाल रहे थे.

सुमन के इस्तीफे के तुरंत बाद मंत्रिमंडल सचिवालय द्वारा उसकी स्वीकृति को लेकर जारी अधिसूचना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि सत्तारूढ़ महागठबंधन में ‘हिन्दुस्तान आवाम मोर्चा (Hindustan Awam Morcha)’ के 4 विधायकों का उतना महत्व नहीं रहा है.

इससे पहले राजद (RJD) कोटे से 2 मंत्रियों कार्तिक कुमार और सुधाकर सिंह (2 Ministers Karthik Kumar and Sudhakar Singh) ने अलग-अलग कारणों से इस्तीफा दे दिया था. सहरसा जिले के 1 दलित नेता व जदयू के विधायक रत्नेश सदा (JDU MLA Ratnesh Sada) को CM आवास पर बुलाया गया, जिससे अटकलें लगाई जाने लगीं कि उन्हें सुमन के स्थान पर मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है.

कांग्रेस (Congress) महागठबंधन की तीसरी सबसे बड़ी घटक है, और वह उम्मीद करती है कि मंत्रिमंडल में मौजूदा 2 स्थानों के अलावा कम से कम 1 और सीट मिलेगी. कांग्रेस विधायक दल के नेता शकील अहमद (Congress Legislature Party leader Shakeel Ahmed) से कहा,”कैबिनेट विस्तार कुछ समय के बाद होने की उम्मीद है और जब भी यह होगा, यह सत्तारूढ़ गठबंधन के लिए अच्छा होगा.”

हालांकि, तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने इस बारे में पूछे गए सवालों को यह कहते हुए टाल दिया कि मंत्रियों को शामिल करना मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है. मैं भी, उपमुख्यमंत्री के रूप में अपनी हैसियत का श्रेय उन्हीं को देता हूं. इस बीच, सुमन ने अपने पत्ते नहीं खोलते हुए कहा, ”हम महागठबंधन नहीं छोड़ रहे हैं.

हिन्दुस्तान आवाम मोर्चा (Hindustan Awam Morcha) के नेता संतोष सुमन ने कहा-हम नीतीश कुमार के साथ एकजुटता में शामिल हुए थे, जिनके विपक्षी एकता अभियान को हम सफल बनाना चाहते हैं और जिन्हें हम प्रधानमंत्री के रूप में देखकर खुश होंगे. अगर वह हमें गठबंधन से बाहर करने का विकल्प चुनते हैं, तो हम उसका सम्मान करेंगे.

बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी (BJP State President Samrat Chowdhary) और विधायक दल के नेता विजय कुमार सिन्हा (Legislature Party leader Vijay Kumar Sinha) सहित बीजेपी (BJP) के नेताओं ने बयान जारी कर नीतीश कुमार (Nitish Kumar) पर ”वरिष्ठ दलित नेता जीतन राम मांझी (Jitan Ram Manjhi) को अपमानित करने” का आरोप लगाया.

बीजेपी विधायक पवन जायसवाल (BJP MLA Pawan Jaiswal) ने जीतन राम मांझी (Jitan Ram Manjhi) के आवास गए और बाद में संवाददाताओं से कहा, ”जीतन राम मांझी (Jitan Ram Manjhi) एक ऐसे नेता हैं जो हमेशा राज्य के हित में काम करते हैं. वह जो भी निर्णय लेंगे, राजग द्वारा उसका सम्मान किया जाएगा.”

गौरतलब है कि जीतन राम मांझी (Jitan Ram Manjhi) ने 2015 में ‘हिन्दुस्तान आवाम मोर्चा (Hindustan Awam Morcha)’ का गठन किया था. उन्होंने मुख्यमंत्री के रूप में नीतीश कुमार की वापसी के लिए रास्ता बनाने के लिए जदयू छोड़ दिया था. महीनों बाद, पार्टी ने राजग सहयोगी के रूप में बिहार विधानसभा चुनाव लड़ा था.

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