- Highlights
- राज्यसभा चुनाव के बाद महागठबंधन में बढ़ी तकरार।
- K. Raju के आरोपों पर RJD और CPI(ML) का पलटवार।
- परिमल नाथवानी को मिले 30 वोट, क्रॉस-वोटिंग पर उठे सवाल।
- CPI(ML) ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को लिखा पत्र।
- गठबंधन की एकता और भविष्य को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज।
राज्यसभा चुनाव के बाद महागठबंधन में घमासान, K. Raju पर RJD का पलटवार
राज्यसभा चुनाव के नतीजों ने झारखंड की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। महागठबंधन समर्थित उम्मीदवार प्रणव झा की हार के बाद सहयोगी दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। क्रॉस-वोटिंग के आरोपों ने गठबंधन की एकजुटता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कांग्रेस प्रभारी K. Raju द्वारा सहयोगी दलों पर धोखा देने का आरोप लगाए जाने के बाद RJD और CPI(ML) ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। RJD नेताओं का कहना है कि कांग्रेस अपनी राजनीतिक विफलताओं की समीक्षा करने के बजाय सहयोगी दलों को निशाना बना रही है।
नाथवानी की जीत ने बढ़ाए सवाल
राज्यसभा चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी को 30 वोट मिले, जबकि NDA के पास केवल 24 विधायक थे। ऐसे में छह अतिरिक्त वोट कहां से आए, यह सवाल राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
महागठबंधन की सभी पार्टियां दावा कर रही हैं कि उनके विधायकों ने गठबंधन उम्मीदवार के पक्ष में मतदान किया। इसी वजह से क्रॉस-वोटिंग को लेकर विवाद और गहरा गया है।
CPI(ML) ने कांग्रेस पर साधा निशाना
CPI(ML) के राज्य सचिव मनोज भक्त ने कहा कि पार्टी के दोनों विधायकों ने गठबंधन के निर्णय के अनुसार कांग्रेस उम्मीदवार को वोट दिया था। उन्होंने दावा किया कि मतदान प्रक्रिया के दौरान पार्टी प्रतिनिधियों ने मतपत्रों की जांच भी की थी और सब कुछ नियमों के अनुरूप पाया गया।
मनोज भक्त ने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपनी कमियों की समीक्षा करने के बजाय सहयोगी दलों पर झूठे आरोप लगाकर जवाबदेही से बचने की कोशिश कर रही है। उन्होंने इस मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र भी लिखा है।
RJD का तीखा जवाब
RJD विधायक दल के नेता सुरेश पासवान ने K. Raju के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि कुछ लोग अपनी राजनीतिक असफलताओं को छिपाने के लिए दूसरों पर आरोप लगा रहे हैं।
वहीं प्रदेश अध्यक्ष संजय सिंह यादव ने कहा कि गठबंधन की एकता को नुकसान पहुंचाने वाले बयान देने से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे वक्त में सभी सहयोगी दलों को संयम और जिम्मेदारी का परिचय देना चाहिए।
आगे क्या होगा?
राज्यसभा चुनाव में हुई कथित क्रॉस-वोटिंग का मुद्दा अब महागठबंधन के भीतर विश्वास और समन्वय की परीक्षा बन गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि इस विवाद का जल्द समाधान नहीं निकला तो गठबंधन की एकजुटता पर इसका असर पड़ सकता है।
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