RBI ने किया 2000 रुपये के नोट बंद , Delhi के CM केजरीवाल ने कहा- ‘इसीलिए हम कहते हैं PM पढ़ा लिखा होना चाहिए

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Patna: Reserve Bank of india: आरबीआई (RBI) ने 2000 के नोट को वापस लेने का फैसला किया है. जो नोट छप चुके हैं और जो मार्केट में है उसे 30 सितंबर 2023 तक 2000 रुपये के नोटों को बैंकों में जमा या बदला जा सकता है। नोटों को बदलने को लेकर लोगों को समस्या न हो, इसके लिए आरबीआई (RBI) ने एक एफएक्यू (FAQ) जारी किया गया है। इसमें सभी संभावित सवालों के जवाब दिए गए हैं। दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल (Delhi CM Arvind Kejriwal) की प्रतिक्रिया आई है. दिल्ली के सीएम (Delhi CM) ने कहा कि इसीलिए हम कहते हैं प्रधानमंत्री (Prime Minister) पढ़ा लिखा होना चाहिए. एक अनपढ़ पीएम (PM) को कोई कुछ भी बोल जाता है.

Delhi के सीएम अरविंद केजरीवाल (Delhi CM Arvind Kejriwal) ने ट्वीट (Tweet) करते हुए कहा, “पहले बोले 2000 का नोट लाने से भ्रष्टाचार (corruption) बंद होगा. अब बोल रहे हैं 2000 का नोट बंद करने से भ्रष्टाचार (corruption) ख़त्म होगा. इसीलिए हम कहते हैं, PM पढ़ा लिखा होना चाहिए. एक अनपढ़ पीएम (PM) को कोई कुछ भी बोल जाता है. उसे समझ आता नहीं है. भुगतना जनता को पड़ता है.”

अखिलेश यादव ने ट्वीट कर कहा (Akhilesh Yadav tweeted and said)
कुछ लोगों को अपनी गलती देर से समझ आती है… 2000/- के नोट के मामले में भी ऐसा ही हुआ है लेकिन इसकी सज़ा इस देश की जनता और अर्थव्यवस्था ने भुगती है।
शासन मनमानी से नहीं, समझदारी और ईमानदारी से चलता है।

RBI के फैसले की बड़ी बातें

2000 का नोट 30 सितंबर तक वैध मुद्रा बना रहेगा
लोग 2000 के नोट को बैंक खातों में जमा कर सकते हैं या उसे बैंकों एवं आरबीआई के 19 क्षेत्रीय कार्यालयों में जाकर दूसरे मूल्य का नोट ले सकते हैं.
2000 के नोट बैंक खातों में बिना किसी बाधा के जमा किये जा सकते हैं. हालांकि यह अपने ग्राहक को जानों (केवाईसी) मानकों का पूरा करने पर निर्भर है.
लोग 23 मई से एक दिन में अधिकतम 20,000 रुपये मूल्य तक के 2000 के नोट बदल सकते हैं.
बैंक प्रतिनिधियों के जरिये बैंक खाताधारक 4,000 रुपये मूल्य तक के 2000 के नोट बदल सकते हैं.
नवंबर 2016 में पुराने 500 और 1,000 रुपये के नोटों को चलन से हटाने के बाद 2000 का नोट जारी किया गया था.
नवंबर 2016 में नोटबंदी के उलट 2,000 रुपये का नोट 30 सितंबर वैध मुद्रा बना रहेगा.
यह कहा जा रहा था कि 2000 के नोट का उपयोग कथित रूप से काला धन जमा करने और काले धन को सफेद बनाने में किया जा रहा था. इसको देखते हुए 2000 के नोट को चलन से हटाने का फैसला किया गया.
आरबीआई ने वित्त वर्ष 2018-19 से 2,000 रुपये के नोट की छपाई बंद कर दी थी.
2000 के नोट करीब 89 प्रतिशत नोट मार्च 2017 से पहले जारी किए गए थे.
मार्च 2018 में चलन में मौजूद कुल नोट में 2000 के नोट की हिस्सेदारी 37.3 प्रतिशत थी जो 31 मार्च, 2023 को घटकर 10.8 प्रतिशत रह गयी.
मूल्य के हिसाब से मार्च 2018 में कुल 6.73 लाख करोड़ रुपये मूल्य के नोट 2,000 रुपये के थे जबकि 31 मार्च, 2023 को इनका मूल्य 3.62 लाख करोड़ रुपये रह गया.

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