New Parliament Building: नई संसद भवन का उद्घाटन पर राजनीतिक बवाल, PM Modi के उद्घाटन पर विपक्षी पार्टियों कर रहे है विरोध

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Patna: New Parliament Building: नई संसद भवन (new parliament building) के उद्घाटन (Inauguration) पर देश की राजनीतिक (Political) में बवाल जारी है. रविवार 28 मई (Sunday 28 May) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) नई संसद भवन (new parliament building) की नई इमारत का उद्घाटन करेंगे. नई संसद भवन (new parliament building) के उद्घाटन के विरोध में सभी विपक्षी पार्टियों (opposition parties) के नेताओं ने नई संसद का राष्ट्रपति (President) से उद्घाटन कराने को लेकर सियासी दांव पेंच (screw the political stakes) चल रहे है, उधर ये मामला देश की सबसे बड़ी अदालत में पहुंच गया है. नए संसद भवन का उद्घाटन राष्ट्रपति से करवाने की मांग सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है. इस पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी. सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्रार ने जो शेड्यूल जारी किया है- उसके मुताबिक आज सुबह 10.30 बजे सुप्रीम कोर्ट के कोर्ट नंबर 5 में इस याचिका पर सुनवाई होगी.

विपक्षी 21 पार्टियों ने उद्घाटन से बाहर रहने का किया है ऐलान
जब से नई संसद भवन (new parliament building) के उद्घाटन की तारीख सामने आई है, उसके बाद से ही कई विपक्षी पार्टियों ने पीएम मोदी (PM Modi) से नई संसद भवन (new parliament building) के उद्धाटन पर सवाल उठा रहे हैं और इसी वजह से इनॉगरेशन (Inauguration) में नहीं जाने का फैसला किया है. देश की 21 पार्टी ऐसी हैं, जिन्होंने नई संसद भवन (new parliament building) के उद्घाटन समारोह से दूरी बनाने का फैसला किया है.

सभी विपक्षी पार्टियों (opposition parties) न नई संसद भवन (new parliament building) के उद्घाटन का बहिष्कार कर रहे है. जेडीयू (JDU) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह (JDU National President Lalan Singh) ने तो यहाँ तक कह दिया कि उनकी सरकार बनी तो संसद का इस्तेमाल दूसरे काम के लिए करेंगे. बीजेपी नेता रविशंकर प्रसाद (BJP leader Ravi Shankar Prasad) ने इस पर जवाब दिया और कहा, “देश में सपने देखने पर कोई पाबंदी नहीं है. 2024 में भी देश की जनता नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री (Prime Minister Narendra Modi) बनाएगी. किसी भी तरह से संसद (Parliament) को राजनीति (Politics) का आखाड़ा बनाना गलत है लेकिन ये क्या बयान है कि हम सत्ता में आए तो ये करेंगे, हम वो करेंगे, देश उनको मौका देने वाला नहीं.”

नई संसद भवन (new parliament building) के उदघ्टान का बहिष्कार करने जा रही कांग्रेस (Congress) के नेताओं (leaders) में तो एक मत नहीं दिख रही. कांग्रेस नेता (congress leader) आचार्य प्रमोद कृष्णम (Acharya Pramod Krishnam) ने कहा, “नई संसद भवन (new parliament building) ‘BJP’ का नहीं पूरे देश का है, PM मोदी का विरोध तो ठीक है लेकिन ‘देश’ का ‘विरोध’ ठीक नहीं.

नई संसद भवन (new parliament building) के उद्घाटन के बहिष्कार की विपक्ष की मुहिम कमजोर होती दिख रही है जितने दल PM Modi के हाथों नई संसद भवन (new parliament building) के उदघाटन का विरोध कर रहे हैं, उससे ज्यादा राजनीतिक पार्टियां समर्थन में आ गए हैं.

बीजेपी के समर्थन में ये दल

बीजेपी (BJP) के नेतृत्व वाले एनडीए (NDA) के राजनीतिक पार्टियां जो 28 मई को नई संसद भवन (new parliament building) के उद्घाटन में भाग लेंगे, उनमें शिवसेना (एकनाथ शिंदे) (Shiv Sena (Eknath Shinde)), नेशनल पीपुल्स पार्टी (National People’s Party), नेशनलिस्ट डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (Nationalist Democratic Progressive Party), सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा (Sikkim Revolutionary Front), जन-नायक पार्टी (Jan Nayak Party), एआईएडीएमके (AIADMK), आईएमकेएमके (IMKMK), एजेएसयू (AJSU), आरपीआई (rpi), मिजो नेशनल फ्रंट (Mizo National Front), तमिल मनीला कांग्रेस (Tamil Manila Congress), आईटीएफटी (त्रिपुरा) (ITFT (Tripura)), बोडो पीपुल्स पार्टी (Bodo People’s Party), पट्टाली मक्कल कच्ची (Pattali Makkal Raw), महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी (Maharashtrawadi Gomantak Party), अपना दल और असम गण परिषद (Apna Dal and Asom Gana Parishad) शामिल हैं.

गैर-एनडीए (NDA) वाले समर्थक दल

नई संसद भवन (new parliament building) के उद्घाटन में शामिल होने वाले गैर-एनडीए (NDA) पार्टियां में लोक जनशक्ति पार्टी (पासवान), ओडिशा के सीएम नवीन पटनायक की बीजेडी, यूपी की पूर्व सीएम मायावती की बसपा, चंद्रबाबू नायडू की टीडीपी, आंध्र प्रदेश के सीएम वाईएस जगन मोहन रेड्डी की पार्टी वाईएसआरसीपी, पंजाब का शिरोमणि अकाली दल और पूर्व पीएम एचडी देवेगौड़ा की जेडीएस शामिल हैं. एचडी देवेगौड़ा खुद समारोह में शिरकत करेंगे. उन्होंने कहा कि ये भव्य भवन देश की जनता के पैसों से बनाया गया है. यह देश का है, बीजेपी (BJP) या आरएसएस (RSS) का नहीं है.

मायावती (mayawati) की पार्टी बीएसपी (BSP) खुलकर BJP सरकार (Government) के साथ आ गई है. बीएसपी (BSP) ने कहा है कि सरकार को उदघाटन का हक है. नई संसद भवन (new parliament building) के उद्घाटन पर बीएसपी सांसद मलूक नागर (BSP MP Maluk Nagar) ने कहा कि यह ऐतिहासिक क्षण है.

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