- Highlights
- पटना के चर्चित बंटी यादव हत्याकांड में परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप।
- पोस्टमार्टम की शुरुआती जानकारी और CCTV दावों से जांच तेज।
- पुलिस ने कहा- सभी पहलुओं की गहन जांच जारी, अंतिम रिपोर्ट का इंतजार।
- मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी हुई तेज।
- कई सवालों के जवाब अब फॉरेंसिक और पुलिस जांच रिपोर्ट से मिलेंगे।
Patna Bunty Yadav Murder Case: पटना | बिहार की राजधानी पटना के चर्चित बंटी यादव हत्याकांड में हर दिन नए दावे और सवाल सामने आ रहे हैं। मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया है कि हत्या से पहले बंटी यादव के साथ बर्बरता की गई और उनकी पहचान छिपाने की कोशिश की गई। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी तक पुलिस ने नहीं की है और पूरे मामले की जांच जारी है।
परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
मृतक के परिवार का दावा है कि शव मिलने के बाद उसकी पहचान करना बेहद कठिन था। उनका कहना है कि शरीर काफी क्षतिग्रस्त अवस्था में मिला और पहचान हाथ में पहने कड़े तथा पहले हुए ऑपरेशन के दौरान पैर में लगी रॉड के आधार पर की गई।
पहले भरत तिवारी अब बंटी यादव को गलत के खिलाफ आवाज उठाने पर मा*र दिया गया…
पटना मे से#क्स रैकेट का भंडा फोड़ने वालें बंटी यादव का अपहरण करके ह*त्या कर दी गई …
सिस्टम पूरी तरह से फेल है …
पिड़िता से फोन पर बात करतें हुवे तेजस्वी यादव … pic.twitter.com/v8AUn2igXZ
— Manish Yadav (@ManishY71326383) July 12, 2026
परिजनों का आरोप है कि मृतक के हाथ पर बने ‘मां’ शब्द वाले टैटू को भी नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई। वहीं, शरीर पर जलने जैसे निशान होने का भी दावा किया गया है। इन सभी दावों की पुष्टि पुलिस या फॉरेंसिक जांच से अभी नहीं हुई है।
पोस्टमार्टम की शुरुआती जानकारी
बाढ़ अनुमंडल अस्पताल में हुए पोस्टमार्टम की प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मृतक के सिर पर गंभीर चोट के निशान मिले हैं। चिकित्सकों ने शुरुआती तौर पर पिटाई से मौत की आशंका जताई है। डीएनए जांच के लिए बोन मैरो और अन्य आवश्यक नमूने सुरक्षित रखे गए हैं।
अंतिम निष्कर्ष विस्तृत फॉरेंसिक और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।
अपहरण और CCTV को लेकर क्या दावा?
परिजनों का कहना है कि 6 जुलाई की रात बंटी यादव का कथित तौर पर पटना जंक्शन के पास से अपहरण किया गया। उनका दावा है कि घटना से जुड़े कुछ दृश्य आसपास लगे CCTV कैमरों में रिकॉर्ड हुए हैं।
परिवार का आरोप है कि बंटी यादव स्थानीय स्तर पर कथित अवैध गतिविधियों का विरोध कर रहे थे और इसी कारण उन्हें पहले भी धमकियां मिली थीं। हालांकि, पुलिस ने अभी तक इस कथित वजह की पुष्टि नहीं की है।
पुलिस जांच पर भी उठे सवाल
परिवार का आरोप है कि घटना की सूचना मिलने के बाद समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। वहीं, पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और सभी साक्ष्यों को एकत्र किया जा रहा है।
क्योंकि घटना अलग-अलग थाना क्षेत्रों से जुड़ी है, इसलिए संबंधित पुलिस टीमें संयुक्त रूप से जांच में लगी हुई हैं।
राजनीतिक बयानबाजी भी तेज
मामले को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। विपक्ष के नेताओं ने कानून-व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार से सवाल पूछे हैं। वहीं, पुलिस का कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ाई जा रही है और तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस की आधिकारिक जांच का इंतजार
इस मामले में कई दावे और आरोप सामने आए हैं, लेकिन अभी तक इनमें से कई बिंदुओं की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस ने कहा है कि अंतिम निष्कर्ष फॉरेंसिक रिपोर्ट, तकनीकी साक्ष्यों और जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
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