Bihar Politics: लैंड फॉर जॉब घोटाले में बड़ा ऐक्शन, लालू-राबड़ी के बाद तेजस्वी यादव पर CBI ने दाखिल की चार्जशीट

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Tejashwi-Yadav

Patna Bihar Politics: बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री (Former Chief Minister of Bihar) और राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव (RJD National President Lalu Prasad Yadav) के खिलाफ सीबीआई (CBI) ने एक और शिकंजा कस कसा है. सीबीआई (CBI) ने लैंड फॉर जॉब (land for job) रेलवे में नौकरी के बदले जमीन लिखवाने के कथित घोटाला मामले में उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव (Deputy Chief Minister Tejashwi Yadav) के खिलाफ चार्जशीट (charge sheet) दाखिल की है। दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट (Delhi’s Rouse Avenue Court) में दाखिल इस चार्जशीट में राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव (RJD supremo Lalu Prasad Yadav) के अलावा उनके छोटा बेटे तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav), पूर्व मुख्यमंत्री और उनकी पत्नी राबड़ी देवी (Former Chief Minister and his wife Rabri Devi) समेत 17 को आरोपी बनाया गया है।

यह मामला जब लालू यादव रेल मंत्री (Lalu Yadav Railway Minister) थे तब का है रेलवे में नौकरी के बदले जमीन लिखवाने के कथित घोटाले के मामले में पिछले साल अक्टूबर में पूर्व रेल मंत्री लालू यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, सांसद मीसा भारती समेत अन्य के खिलाफ चार्जशीट दायर किया गया था। विपक्षी दलों की एकता मीटिंग से पहले तेजस्वी यादव ने 14 जून को ही कहा था की मेरा भी नाम चार्जशीट में जोड़ा जा सकता है।

लैंड फॉर जॉब (land for job) मामले में यह दूसरा चार्जशीट (charge sheet) है और इसमें तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) लालू यादव (Lalu Yadav) और राबड़ी देवी (Rabri Devi) का नाम शामिल है। 14 अन्य लोगों के भी नाम शामिल हैं। सीबीआई (CBI) सूत्रों ने बताया कि मामले में पहला चार्जशीट (charge sheet) दाखिल होने के बाद सामने आए नए दस्तावेजों और सबूतों के आधार पर यह चार्जशीट (charge sheet) दाखिल किया गया है। (CBI) सूत्रों ने कहा कि लालू परिवार के अलावा सीबीआई (CBI) ने मामले में एके इन्फोसिस्टम्स और कई बिचौलियों का भी नाम शामिल है। आरोप पत्र विशेष सीबीआई अदालत में दाखिल किया गया है। दूसरा आरोपपत्र इसलिए दाखिल किया गया क्योंकि प्रारंभिक रिपोर्ट दाखिल होने तक आरोपियों की कथित भूमिका के संबंध में जांच पूरी नहीं हो सकी थी।

कैसे हुआ लैंड फॉर जॉब घोटाला? (How did the land for job scam happen?)
सीबीआई (CBI) ने कहा-है की साल 2004-2009 में यूपीए सरकार में लालू यादव रेल मंत्री थे इस दौरान बिना किसी नोटिफिकेशन के पसंदीदा लोगों को रेलवे में नियुक्त किया गया। सीबीआई के मुताबिक रेलवे में नौकरी के बदले में अभ्यर्थियों ने प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से लालू परिवार के सदस्यों को बाजार भाव से काफी कम दामों पर जमीन बेची थी। आरोप है कि जमीन राबड़ी देवी और मीसा भारती के नाम पर भी ली गईं।

रेलवे भर्ती के लिए जारी नहीं हुआ था नोटिफिकेशन (Notification was not issued for railway recruitment)
रेलवे में भर्ती के लिए कोई नोटिफिकेशन (Notification) जारी नहीं किया गया था। फिर भी जो पटना (Patna) के रहने वाले थे. उन्हें मुंबई, जबलपुर, कोलकाता, जयपुर और हाजीपुर में स्थित अलग-अलग जोनल रेलवे में सब्स्टिट्यूट के तौर पर बहाल किया गया था। सीबीआई के मुताबिक इस मामले में पटना में 1,05,292 फुट जमीन लालू यादव के परिवार के सदस्यों ने विक्रेताओं को नकद भुगतान कर हासिल की थी।

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