Assistant Professor: 55 साल तक असिस्टेंट प्रोफेसर बनने का रास्ता? चिराग पासवान ने CM सम्राट को लिखी चिट्ठी, रखे 6 सुझाव

Assistant Professor: बिहार Assistant Professor भर्ती नियमावली-2026 पर चिराग पासवान ने CM सम्राट को पत्र लिखा। 55 साल आयु सीमा समेत 6 सुझाव दिए।

youthjagran
9 Min Read
सहायक प्राध्यापक नियुक्ति नियमावली-2026 को लेकर चिराग पासवान ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को पत्र लिखकर 55 वर्ष आयु सीमा, डोमिसाइल नीति और अतिथि शिक्षकों समेत छह सुझाव दिए।

Highlight
बिहार में Assistant Professor भर्ती नियमावली-2026 को लेकर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को पत्र लिखा है।
चिराग पासवान ने सहायक प्राध्यापक भर्ती में अधिकतम आयु सीमा 55 वर्ष करने का सुझाव दिया है।
उन्होंने UGC Regulation 2018 के प्रावधानों के अनुरूप भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की मांग की है।
डोमिसाइल नीति और वर्षों से काम कर रहे अतिथि शिक्षकों के हितों पर भी चिराग ने सरकार का ध्यान खींचा है।
नियमावली को अंतिम रूप देने से पहले छात्रों, अभ्यर्थियों, अतिथि शिक्षकों और विशेषज्ञों से चर्चा की मांग की गई है।

Assistant Professor: पटना, 20 अगस्त 2026: बिहार में प्रस्तावित सहायक प्राध्यापक नियुक्ति नियमावली-2026 को लेकर अब एनडीए के भीतर से भी सुझाव सामने आया है। केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को पत्र लिखकर नियमावली को अंतिम रूप देने से पहले अभ्यर्थियों, छात्रों, अतिथि शिक्षकों और विषय विशेषज्ञों से व्यापक विचार-विमर्श करने का आग्रह किया है।

चिराग पासवान ने अपने पत्र में सहायक प्राध्यापक नियुक्ति प्रक्रिया को पारदर्शी और न्यायसंगत बनाने पर जोर दिया है। उन्होंने कुल छह प्रमुख सुझाव सरकार के सामने रखे हैं, जिनमें अधिकतम आयु सीमा को 55 वर्ष करने, डोमिसाइल नीति लागू करने और लंबे समय से काम कर रहे अतिथि शिक्षकों के हितों पर विचार करने जैसी मांगें शामिल हैं।

चिराग पासवान ने सम्राट चौधरी को लिखा पत्र

55 साल की उम्र तक आवेदन की मांग

चिराग पासवान के पत्र का सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाला सुझाव सहायक प्राध्यापक पद के लिए अधिकतम आयु सीमा 55 वर्ष करने से जुड़ा है। उन्होंने प्रस्तावित भर्ती प्रक्रिया में इस सीमा को बढ़ाने की मांग की है।

इसका मतलब यह नहीं है कि अभी 55 वर्ष की आयु तक सभी अभ्यर्थियों के लिए आवेदन का अधिकार लागू हो गया है। यह फिलहाल चिराग पासवान की ओर से सरकार को दिया गया सुझाव है। अंतिम नियम क्या होंगे, यह सरकार द्वारा नियमावली को अंतिम रूप दिए जाने के बाद ही स्पष्ट होगा।

UGC नियमों के अनुरूप भर्ती की मांग

चिराग पासवान ने सहायक प्राध्यापक भर्ती में UGC Regulation 2018 के Table 3A को लागू करने का सुझाव दिया है। उनका कहना है कि नियुक्ति प्रक्रिया में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के प्रासंगिक मानकों का पालन किया जाना चाहिए।

UGC की आधिकारिक वेबसाइट पर 2018 के शिक्षक नियुक्ति संबंधी नियम उपलब्ध हैं। इसके बाद इनमें कई संशोधन भी जारी हो चुके हैं, इसलिए अंतिम भर्ती प्रक्रिया में लागू प्रावधानों को आधिकारिक नियमावली के आधार पर ही देखा जाना चाहिए।

चिराग पासवान के छह प्रमुख सुझाव क्या हैं?

1. UGC Regulation 2018 के प्रावधान लागू हों

चिराग पासवान ने सहायक प्राध्यापक भर्ती में UGC Regulation 2018 के Table 3A को लागू करने का सुझाव दिया है।

2. अधिकतम आयु सीमा 55 वर्ष हो

उन्होंने सहायक प्राध्यापक पद के लिए अभ्यर्थियों की अधिकतम आयु सीमा बढ़ाकर 55 वर्ष करने की मांग की है।

3. भर्ती प्रक्रिया नियमित और स्थायी हो

चिराग ने विश्वविद्यालयों में सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति को स्थायी एवं नियमित तरीके से करने का सुझाव दिया है। उनका तर्क है कि इससे उच्च शिक्षा संस्थानों में शिक्षकों की कमी दूर करने में मदद मिलेगी।

4. डोमिसाइल नीति लागू करने की मांग

पत्र में बिहार के युवाओं के हित में डोमिसाइल नीति लागू करने की मांग भी रखी गई है। इस सुझाव के तहत स्थानीय अभ्यर्थियों को भर्ती प्रक्रिया में अवसर देने से जुड़े प्रावधानों पर विचार करने की बात कही गई है।

5. विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता का संरक्षण

चिराग पासवान ने बिहार के विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों की स्वायत्तता से जुड़े मुद्दे पर भी सरकार का ध्यान आकर्षित किया है। उन्होंने संस्थानों की अकादमिक स्वतंत्रता और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर विचार करने का आग्रह किया।

6. अतिथि शिक्षकों के हितों पर फैसला

उन्होंने लंबे समय से विश्वविद्यालयों में काम कर रहे पात्र अतिथि सहायक प्राध्यापकों के भविष्य को लेकर भी उचित व्यवस्था करने का सुझाव दिया है। पत्र में ऐसे शिक्षकों की सेवाओं के समायोजन/उचित अवसर पर विचार करने की बात कही गई है।

अतिथि शिक्षकों के लिए भी बड़ी मांग

चिराग पासवान ने वर्षों से विश्वविद्यालयों में अतिथि शिक्षक के रूप में सेवाएं दे रहे शिक्षकों के अनुभव को ध्यान में रखने की जरूरत बताई है। उनके पत्र के अनुसार, नियमित सहायक प्राध्यापक नियुक्ति से पहले ऐसे शिक्षकों के हितों पर भी उचित विचार किया जाना चाहिए।

उनका कहना है कि लंबे समय से शिक्षा व्यवस्था में योगदान दे रहे अनुभवी शिक्षकों के भविष्य को नजरअंदाज किए बिना नई नियुक्ति प्रक्रिया तैयार की जानी चाहिए।

डोमिसाइल नीति पर भी जोर

बिहार में सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक नियुक्तियों में डोमिसाइल नीति का मुद्दा लंबे समय से चर्चा में रहा है। चिराग पासवान ने सहायक प्राध्यापक भर्ती के संदर्भ में भी इस मुद्दे को अपने पत्र में शामिल किया है।

हालांकि, डोमिसाइल से जुड़े किसी भी नए प्रावधान का वास्तविक प्रभाव तभी स्पष्ट होगा, जब सरकार अंतिम नियमावली और उसकी लागू शर्तों को सार्वजनिक करेगी।

चिराग पासवान ने सम्राट चौधरी को लिखा पत्र

नियमावली को अंतिम रूप देने से पहले व्यापक चर्चा की मांग

चिराग पासवान ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि नियमावली को अंतिम रूप देने से पहले छात्रों, अभ्यर्थियों, अतिथि शिक्षकों, विश्वविद्यालयों और विषय विशेषज्ञों से व्यापक विचार-विमर्श किया जाए।

उनका कहना है कि सहायक प्राध्यापक नियुक्ति की प्रक्रिया का सीधा असर बिहार की उच्च शिक्षा व्यवस्था और हजारों अभ्यर्थियों के भविष्य पर पड़ेगा। इसलिए नियमों को पारदर्शी, स्पष्ट और व्यावहारिक बनाया जाना जरूरी है।

बिहार में सहायक प्राध्यापक भर्ती पर बढ़ी नजर

बिहार में सहायक प्राध्यापक नियुक्ति को लेकर पहले से ही प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। बिहार राजभवन की आधिकारिक वेबसाइट पर 2026 में सहायक प्राध्यापकों की नियुक्ति से संबंधित नियमावली और उसमें संशोधन की अधिसूचनाएं सूचीबद्ध हैं। जुलाई 2026 में इस संबंध में नियमावली और संशोधन दर्ज किए गए हैं।

ऐसे में चिराग पासवान का मुख्यमंत्री को लिखा पत्र इस भर्ती प्रक्रिया को लेकर नई राजनीतिक और नीतिगत चर्चा को जन्म देता है। अब नजर सरकार के अगले कदम और प्रस्तावित प्रावधानों पर है।

LJP(R) प्रवक्ता ने भी पत्र को बताया युवाओं के हित में

चिराग पासवान के पत्र पर प्रतिक्रिया देते हुए LJP(R) प्रवक्ता रंजन सिंह ने कहा कि पार्टी नेतृत्व ने युवाओं और शिक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री के सामने सुझाव रखे हैं।

उन्होंने UGC के प्रावधानों के अनुसार भर्ती, अतिथि शिक्षकों के समायोजन और डोमिसाइल नीति जैसे मुद्दों का समर्थन किया। साथ ही उन्होंने TRE-4 शिक्षक भर्ती का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार की ओर से शिक्षक भर्ती का नोटिफिकेशन जारी होना युवाओं के लिए महत्वपूर्ण कदम है।

अब सबसे बड़ा सवाल

सहायक प्राध्यापक नियुक्ति नियमावली-2026 में क्या 55 वर्ष तक की अधिकतम आयु सीमा होगी, बिहार के लिए डोमिसाइल नीति लागू होगी और वर्षों से कार्यरत अतिथि शिक्षकों के लिए क्या व्यवस्था बनेगी? इन सवालों का अंतिम जवाब सरकार की ओर से नियमावली को अंतिम रूप दिए जाने के बाद ही स्पष्ट होगा।

यह भी पढ़ें : Tejashwi Yadav: राजभवन मार्च में उमड़ी भीड़, तेजस्वी यादव ने उठाए रोजगार और भर्ती के मुद्दे; राज्यपाल को सौंपा 6 सूत्री ज्ञापन

यह भी पढ़ें :BPSC TRE 4 Notification OUT: 32,388 शिक्षक पदों पर भर्ती, 1 सितंबर से आवेदन; यहां देखें पूरी डिटेल

यह भी पढ़ें : Dashrath Manjhi: तेजस्वी यादव ने दशरथ मांझी की पुण्यतिथि पर भरी हुंकार, बोले- गरीबों के घर पर बुलडोजर चला तो साथ खड़ा रहूंगा

यह भी पढ़ें : AK-47 से छात्रों पर गोलीबारी के आरोप पर तेजस्वी का बड़ा ऐलान, 19 अगस्त को राजभवन मार्च; पूछा- ‘गुनहगार कौन?’

Share This Article
Leave a comment
Saif-Kareena की ये तस्वीरें हुईं वायरल! समंदर किनारे दिखी जबरदस्त केमिस्ट्री सोनम कपूर ने शर्ट के बटन खोलकर बेबी बंप फ्लॉन्ट किया श्वेता तिवारी ने सोशल मीडिया पर फिर लगाई आग, फोटो तेजी से Viral Salman Khan की बर्थडे पार्टी में लगा सितारों का मेला, धोनी हुए शामिल श्वेता तिवारी ने सोशल मीडिया पर लगाई आग फोटो वायरल