- Highlight
- बांकीपुर उपचुनाव में करारी हार के बाद RJD के भीतर बयानबाजी तेज हो गई है।
- वरिष्ठ विधायक भाई वीरेंद्र और मुख्य प्रवक्ता शक्ति यादव के बीच सार्वजनिक जुबानी जंग छिड़ गई है।
- भाई वीरेंद्र ने शक्ति यादव को “खामोश रहने” की नसीहत देते हुए कई गंभीर आरोप लगाए।
- पार्टी के अंदर संगठन, रणनीति और नेतृत्व को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
- राजनीतिक जानकार इसे आगामी विधानसभा चुनाव से पहले RJD के लिए बड़ा अंदरूनी संकट मान रहे हैं।
Bankipur By Election: पटना। बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के निराशाजनक प्रदर्शन और उम्मीदवार की जमानत जब्त होने के बाद पार्टी के भीतर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। आत्ममंथन की उम्मीदों के बीच अब पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के बीच सार्वजनिक आरोप-प्रत्यारोप सामने आने लगे हैं। वरिष्ठ विधायक भाई वीरेंद्र और पार्टी के मुख्य प्रवक्ता शक्ति यादव के बीच तीखी जुबानी जंग ने बिहार की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है।
‘चमचों को हटाने’ वाले बयान से शुरू हुआ विवाद
विवाद की शुरुआत उस समय हुई जब वरिष्ठ विधायक भाई वीरेंद्र ने कहा कि यदि राष्ट्रीय जनता दल को आगे बढ़ना है तो तेजस्वी यादव के आसपास मौजूद “चमचों” को हटाना होगा। उनके इस बयान को लेकर पार्टी के भीतर कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आईं।
इसके जवाब में पार्टी के मुख्य प्रवक्ता शक्ति यादव ने कहा कि भाई वीरेंद्र पहले यह बताएं कि उन्होंने पार्टी के लिए क्या योगदान दिया है। इसी टिप्पणी के बाद दोनों नेताओं के बीच बयानबाजी और तेज हो गई।
भाई वीरेंद्र का पलटवार
मीडिया से बातचीत में भाई वीरेंद्र ने शक्ति यादव पर तीखा हमला बोलते हुए कहा, “जो बोल रहा है, वो खामोश रहे।” उन्होंने दावा किया कि जब शक्ति यादव राजनीति में सक्रिय नहीं थे, तब से वह समाजवादी आंदोलन और पार्टी की राजनीति से जुड़े हुए हैं।
उन्होंने कहा कि वर्षों से लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव के साथ खड़े रहने के बावजूद उन्होंने कभी पार्टी नहीं छोड़ी। भाई वीरेंद्र ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोग पार्टी और तेजस्वी यादव के नाम का इस्तेमाल निजी लाभ के लिए कर रहे हैं।
गंभीर आरोप लगाए, लेकिन साक्ष्य सार्वजनिक नहीं किए
भाई वीरेंद्र ने शक्ति यादव पर कई गंभीर आरोप लगाए और कहा कि उनके पास ऐसी जानकारियां हैं जिन्हें सार्वजनिक किया जाए तो राजनीतिक विवाद और बढ़ सकता है। हालांकि, उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में कोई दस्तावेज या साक्ष्य सार्वजनिक नहीं किया।
उन्होंने यह भी दावा किया कि उनकी राजनीति का उद्देश्य केवल तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री बनाना है, जबकि कुछ लोग पार्टी के नाम का इस्तेमाल व्यक्तिगत लाभ के लिए कर रहे हैं।
RJD में बढ़ रही है अंदरूनी बेचैनी?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बांकीपुर उपचुनाव में मिली हार के बाद RJD के भीतर संगठन, रणनीति और नेतृत्व को लेकर असंतोष खुलकर सामने आने लगा है। हाल के दिनों में पार्टी की कार्यशैली, सलाहकारों की भूमिका और चुनावी रणनीति पर भी सवाल उठे हैं।
अब वरिष्ठ विधायक और पार्टी प्रवक्ता के बीच सार्वजनिक बयानबाजी ने इस चर्चा को और तेज कर दिया है कि चुनावी हार के बाद पार्टी के भीतर मतभेद गहराते जा रहे हैं।
आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार
अब तक इस पूरे विवाद पर पार्टी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव या नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। राजनीतिक हलकों की नजर इस बात पर बनी हुई है कि पार्टी नेतृत्व इस विवाद को किस तरह संभालता है और आने वाले दिनों में क्या कदम उठाता है।
(नोट: इस खबर में शामिल आरोप संबंधित नेताओं के सार्वजनिक बयानों पर आधारित हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्ष की विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आने पर खबर को अपडेट किया जाएगा।)
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