- Highlights
- बांकीपुर उपचुनाव में RJD ने रेखा गुप्ता के पक्ष में मजबूत जनसमर्थन का दावा किया।
- एजाज अहमद ने भाजपा की चुनावी रणनीति और उम्मीदवार चयन पर सवाल उठाए।
- महागठबंधन ने विकास, सामाजिक न्याय और महिला प्रतिनिधित्व को बनाया प्रमुख मुद्दा।
- चुनावी प्रचार के बीच बांकीपुर की सियासत लगातार गर्माती जा रही है।
- अंतिम फैसला मतदान और चुनाव परिणाम आने के बाद ही सामने आएगा।
Bankipur By Election 2026: बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर बिहार की सियासत लगातार गर्म होती जा रही है। इसी बीच राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के प्रदेश प्रवक्ता एजाज अहमद ने दावा किया है कि महागठबंधन समर्थित प्रत्याशी रेखा गुप्ता को जनता का व्यापक समर्थन मिल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी कारण भाजपा और एनडीए के नेता राजनीतिक बयानबाजी कर रहे हैं।
एजाज अहमद ने एक प्रेस बयान में कहा कि बांकीपुर की जनता बदलाव चाहती है और विकास, सामाजिक न्याय तथा स्थानीय नेतृत्व के मुद्दों पर महागठबंधन के पक्ष में माहौल बन रहा है।
भाजपा पर लगाए कई राजनीतिक आरोप
RJD प्रवक्ता ने कहा कि लंबे समय तक एक ही दल और नेतृत्व के प्रतिनिधित्व के बावजूद बांकीपुर में अपेक्षित विकास नहीं हो सका। उन्होंने भाजपा (BJP) के उम्मीदवार चयन की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए और दावा किया कि इससे पार्टी के अंदरूनी मतभेद सामने आए हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा के पास क्षेत्र के विकास को लेकर स्पष्ट विजन और मिशन नहीं है। हालांकि, ये सभी दावे और आरोप एजाज अहमद के राजनीतिक बयान का हिस्सा हैं।
रेखा गुप्ता के पक्ष में समर्थन का दावा
एजाज अहमद ने कहा कि महागठबंधन ने रेखा गुप्ता को महिला प्रतिनिधित्व और सामाजिक भागीदारी को मजबूत करने के उद्देश्य से उम्मीदवार बनाया है। उनके अनुसार, रेखा गुप्ता को विभिन्न वर्गों से समर्थन और विश्वास मिल रहा है।
उन्होंने दावा किया कि राष्ट्रीय जनता दल और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की विचारधारा तथा सामाजिक न्याय के एजेंडे को बांकीपुर में सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है।
अन्य राजनीतिक दलों पर भी टिप्पणी
अपने बयान में एजाज अहमद ने चुनाव मैदान में मौजूद अन्य उम्मीदवारों और राजनीतिक रणनीतिकारों पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ उम्मीदवार केवल अपनी राजनीतिक छवि बनाने का प्रयास कर रहे हैं और क्षेत्र की जमीनी समस्याओं से उनका जुड़ाव सीमित है।
इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की ओर से इस खबर लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।
चुनावी मुकाबला हुआ दिलचस्प
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर सभी प्रमुख राजनीतिक दल अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे हैं। चुनाव प्रचार के दौरान आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी तेज हो गया है। हालांकि, जनता का अंतिम फैसला मतदान और निर्वाचन आयोग द्वारा घोषित परिणामों के बाद ही स्पष्ट होगा।
- Highlights
- सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल पर दिल्ली हाईकोर्ट ने जताई चिंता।
- कोर्ट ने नियमित मेडिकल जांच और स्वास्थ्य निगरानी के दिए निर्देश।
- वांगचुक पिछले 19 दिनों से जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर हैं।
- सरकार ने कोर्ट को दिया भरोसा, डॉक्टरों की सलाह पर होगी कार्रवाई।
- हाईकोर्ट की टिप्पणी- “हर नागरिक की जिंदगी अनमोल है।”
Sonam Wangchuk Hunger Strike: नई दिल्ली | जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर दायर जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया है कि उनकी नियमित मेडिकल जांच कराई जाए और डॉक्टरों की रिपोर्ट के आधार पर आवश्यकता पड़ने पर तुरंत चिकित्सा हस्तक्षेप सुनिश्चित किया जाए।
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सोनम वांगचुक पिछले 19 दिनों से जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे हैं। उनकी सेहत को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच अदालत ने स्पष्ट कहा कि “हर नागरिक की जिंदगी अनमोल है और उसकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।”
कोर्ट ने मेडिकल मॉनिटरिंग पर दिया जोर
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा कि क्या वांगचुक की स्वास्थ्य जांच के लिए नियमित व्यवस्था की गई है। इस पर केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल ने बताया कि सरकारी डॉक्टर नियमित रूप से उनकी जांच कर रहे हैं और जब भी सोनम वांगचुक ने अनुमति दी, मेडिकल टीम ने उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया।
सरकार ने यह भी बताया कि निजी डॉक्टरों को भी जांच की अनुमति दी गई है और उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
जरूरत पड़ने पर तुरंत हो मेडिकल हस्तक्षेप
दिल्ली हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि सरकारी डॉक्टर नियमित स्वास्थ्य रिपोर्ट तैयार करें और यदि डॉक्टर किसी गंभीर स्वास्थ्य जोखिम की आशंका जताते हैं, तो बिना देरी आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जाए।
अदालत ने कहा कि किसी भी नागरिक के जीवन की रक्षा करना राज्य की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
सरकार ने कोर्ट को दिया भरोसा
सॉलिसिटर जनरल ने अदालत को भरोसा दिलाया कि डॉक्टरों की सलाह के अनुसार जो भी चिकित्सा सहायता आवश्यक होगी, वह तत्काल उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह के अनुरूप सभी आवश्यक कदम उठाएगी।
स्वास्थ्य को लेकर दायर हुई थी जनहित याचिका
यह जनहित याचिका सोनम वांगचुक की लंबी भूख हड़ताल के दौरान बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति को लेकर दायर की गई थी। सुनवाई के दौरान सरकार ने अदालत को बताया कि विशेषज्ञ डॉक्टर लगातार उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
अदालत ने सरकार के इस आश्वासन की सराहना करते हुए कहा कि यदि मेडिकल रिपोर्ट में स्वास्थ्य संबंधी कोई गंभीर संकेत मिलते हैं, तो तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।
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