- Highlight
- पटना में तेजस्वी यादव के नेतृत्व में राजद ने रोजगार और भर्ती के मुद्दे पर राजभवन मार्च किया।
- मार्च के दौरान बड़ी संख्या में छात्र, युवा, अभ्यर्थी और राजद कार्यकर्ता शामिल हुए।
- राजद प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को छह प्रमुख मांगों से जुड़ा ज्ञापन सौंपा।
- पार्टी ने सरकारी विभागों के रिक्त पद सार्वजनिक करने और भर्ती कैलेंडर जारी करने की मांग की।
- TRE-4, प्रतियोगी परीक्षाओं और विश्वविद्यालयों की व्यवस्था से जुड़े मुद्दे भी राजद के ज्ञापन में शामिल रहे।
Tejashwi Yadav: पटना, 19 अगस्त 2026: बिहार की राजधानी पटना में बुधवार को राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की ओर से आयोजित राजभवन मार्च के दौरान बड़ी संख्या में छात्र, युवा, अभ्यर्थी और पार्टी कार्यकर्ता जुटे। मार्च का नेतृत्व नेता प्रतिपक्ष और राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने रोजगार, सरकारी भर्ती, परीक्षा व्यवस्था और छात्रों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर अपनी मांगें उठाईं।
राजद की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में मार्च को सफल बताते हुए कहा गया कि बिहार के विभिन्न हिस्सों से छात्र और युवा इसमें शामिल हुए। मार्च के दौरान डाकबंगला और इनकम टैक्स चौराहे की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस की बैरिकेडिंग का सामना करना पड़ा। राजद ने दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।
रोजगार और भर्ती को लेकर सरकार पर निशाना
राजभवन मार्च के दौरान राजद ने सरकारी नौकरियों में रिक्त पदों, भर्ती प्रक्रिया और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। पार्टी ने आरोप लगाया कि युवाओं को रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं मिल रहे हैं और कई परीक्षाओं को लेकर अभ्यर्थियों की शिकायतें सामने आती रही हैं।
राजद ने हाल में जारी TRE-4 शिक्षक भर्ती विज्ञापन का भी मुद्दा उठाया। पार्टी का कहना है कि गर्दनीबाग में प्रदर्शन कर रहे शिक्षक अभ्यर्थियों के बीच तेजस्वी यादव के पहुंचने के बाद शिक्षक भर्ती को लेकर प्रक्रिया आगे बढ़ी। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि राजद के प्रेस विज्ञप्ति से अलग उपलब्ध स्रोतों से नहीं की गई है।
पार्टी ने स्पष्ट किया कि केवल भर्ती की घोषणा पर्याप्त नहीं है और सभी रिक्त पदों पर पारदर्शी तरीके से नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी की जानी चाहिए।
राज्यपाल को सौंपा 6 सूत्री ज्ञापन
राजद के एक प्रतिनिधिमंडल ने राजभवन पहुंचकर राज्यपाल को छह प्रमुख मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में छात्रों, युवाओं, सरकारी भर्ती और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कई मुद्दे शामिल किए गए।
राजद की प्रमुख मांगें
1. सीवान की घटना की निष्पक्ष जांच:
राजद ने सीवान में छात्रों के प्रदर्शन से जुड़ी घटना की निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
2. गर्दनीबाग के प्रदर्शनकारियों से संवाद:
पार्टी ने धरने पर बैठे छात्रों और युवाओं से सरकार द्वारा बातचीत कर उनकी समस्याओं का समाधान करने की मांग की।
3. परीक्षाओं के लिए शिकायत निवारण तंत्र:
राजद ने सरकारी परीक्षाओं में सामने आने वाली अनियमितताओं और अभ्यर्थियों की शिकायतों के समाधान के लिए स्वतंत्र एवं पारदर्शी व्यवस्था बनाने की मांग की।
4. रिक्त पदों और भर्ती कैलेंडर की मांग:
पार्टी ने सभी सरकारी विभागों में रिक्त पदों का विवरण सार्वजनिक करने और स्पष्ट भर्ती कैलेंडर जारी करने की मांग की।
5. विश्वविद्यालयों में शिक्षकों-कर्मचारियों की कमी दूर करने की मांग:
राजद ने राज्य के विश्वविद्यालयों में शिक्षकों और कर्मचारियों की कमी दूर करने तथा वार्षिक अकादमिक कैलेंडर लागू करने की मांग रखी।
6. सरकारी स्कूलों की व्यवस्था सुधारने की मांग:
पार्टी ने प्राथमिक से लेकर उच्च विद्यालय स्तर तक विषयवार शिक्षकों की कमी, कक्षाओं और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दों को दूर करने की मांग की।
तेजस्वी यादव ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
राजद के अनुसार, तेजस्वी यादव ने हिरासत में लिए जाने के बाद सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने रोजगार और बेरोजगारी को लेकर सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए और कहा कि बिहार के छात्र और युवा रोजगार की ठोस व्यवस्था चाहते हैं।
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि राज्य में बेरोजगारी और परीक्षा संबंधी समस्याओं को लेकर युवाओं में असंतोष है। उन्होंने कहा कि राजद युवाओं के मुद्दों को सड़क से सदन तक उठाता रहेगा।
हालांकि, तेजस्वी यादव और राजद की ओर से लगाए गए राजनीतिक आरोपों पर सरकार या संबंधित प्रशासन का पक्ष इस प्रेस विज्ञप्ति में शामिल नहीं है। खबर के प्रकाशन के समय यदि सरकार की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध होती है, तो उसे भी शामिल किया जाना चाहिए।
मार्च में बड़ी संख्या में राजद नेता और कार्यकर्ता हुए शामिल
राजभवन मार्च में राजद प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष उदय नारायण चौधरी, राष्ट्रीय प्रधान महासचिव अब्दुल बारी सिद्दीकी, सांसद डॉ. मीसा भारती, अभय कुशवाहा, सुरेंद्र यादव, सुधाकर सिंह, राज्यसभा सांसद डॉ. मनोज कुमार झा, संजय यादव, जयप्रकाश नारायण यादव, सैयद फैसल अली, भोला यादव, रणविजय साहू, आलोक कुमार मेहता, शिवचंद्र राम, अवध बिहारी चौधरी, सुरेश पासवान, डॉ. तनवीर हसन, ओसामा शहाब, गौतम कृष्ण, विधान परिषद सदस्य डॉ. सुनील सिंह, डॉ. उर्मिला ठाकुर, भाई वीरेंद्र, शक्ति सिंह यादव, एजाज अहमद सहित कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
मार्च में शामिल लोगों ने रोजगार, शिक्षक भर्ती और छात्र हित से जुड़े मुद्दों को लेकर नारे लगाए। राजद ने इसे युवाओं की मांगों को लेकर बड़ा राजनीतिक प्रदर्शन बताया।
अब सरकार के जवाब पर नजर
राजभवन मार्च के बाद अब नजर इस बात पर है कि सरकार और प्रशासन राजद की ओर से उठाई गई छह सूत्री मांगों पर क्या रुख अपनाते हैं। खासकर सरकारी विभागों में रिक्त पदों का विवरण, भर्ती कैलेंडर, शिक्षक भर्ती और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी शिकायतों को लेकर अभ्यर्थियों की निगाहें सरकार के अगले कदम पर रहेंगी।
बिहार में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के बीच भर्ती और परीक्षा व्यवस्था लगातार अहम मुद्दा बनी हुई है। ऐसे में राजभवन मार्च के बाद इन मांगों पर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है।
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