Highlights
ऑस्ट्रेलिया से हार के बाद भारत का महिला T20 वर्ल्ड कप अभियान समाप्त।
हेड कोच अमोल मजूमदार ने टीम कॉम्बिनेशन और अनुभवहीन गेंदबाजी को बताया बड़ी वजह।
कोच बोले- 15 से 20 रन और बनते तो मैच का नतीजा बदल सकता था।
पूरे टूर्नामेंट में फील्डिंग और गेंदबाजी भारत की सबसे बड़ी कमजोरी रही।
हरमनप्रीत कौर की शानदार पारी भी टीम को जीत नहीं दिला सकी।
Womens T20 World Cup 2026: महिला T20 वर्ल्ड कप: ‘काश-अगर’ में खत्म हुआ भारत का सफर
स्पोर्ट्स डेस्क। महिला T20 वर्ल्ड कप में भारतीय टीम का अभियान सेमीफाइनल से पहले ही समाप्त हो गया। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ करो या मरो मुकाबले में मिली हार के बाद टीम का सफर कई सवाल छोड़ गया। मैच के बाद हेड कोच अमोल मजूमदार ने माना कि भारत बैटिंग, बॉलिंग और फील्डिंग—तीनों विभागों में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सका।
15-20 रन और होते तो बदल सकती थी कहानी
भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 4 विकेट पर 170 रन बनाए। कोच का मानना है कि टीम अगर शुरुआती ओवरों में अधिक आक्रामक खेलती तो 15-20 रन अतिरिक्त जोड़ सकती थी, जो अंत में निर्णायक साबित होते।
अनुभवहीन गेंदबाजी बनी सबसे बड़ी चिंता
पूरे टूर्नामेंट में भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण स्थिर नहीं दिखा। टीम लगातार अपने कॉम्बिनेशन बदलती रही और किसी भी दो लगातार मैचों में एक जैसा पेस अटैक नहीं उतारा।
फील्डिंग ने भी बढ़ाई मुश्किलें
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत ने सभी कैच पकड़े, लेकिन पूरे टूर्नामेंट में टीम की फील्डिंग चिंता का विषय रही। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ छोड़े गए कैच ने भारत की सेमीफाइनल उम्मीदों को बड़ा झटका दिया था।
हरमनप्रीत कौर की पारी भी नहीं बचा सकी टीम
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हरमनप्रीत कौर ने 27 गेंदों में 56 रन की शानदार पारी खेली। उनकी तेज बल्लेबाजी की बदौलत भारत चुनौतीपूर्ण स्कोर तक पहुंचा, लेकिन टीम शुरुआत से आक्रामक नहीं खेल सकी।
टीम कॉम्बिनेशन पर उठे सवाल
यस्तिका भाटिया और भारती फुलमाली के बीच लगातार बदलाव ने बल्लेबाजी क्रम को अस्थिर रखा। विशेषज्ञों का मानना है कि यही असमंजस पूरे टूर्नामेंट में भारत की लय बिगाड़ता रहा।
कोच ने भविष्य के लिए जताया भरोसा
“इस गेंदबाजी आक्रमण को थोड़ा समय और अनुभव मिल जाए, तो अगले 18 महीनों में यह टीम बिल्कुल अलग नजर आएगी।” — अमोल मजूमदार
निष्कर्ष
भारत की यह हार सिर्फ एक मैच की हार नहीं रही, बल्कि पूरे टूर्नामेंट में टीम की रणनीति, संतुलन और प्रदर्शन पर सवाल छोड़ गई। अब भारतीय महिला टीम की नजर आगामी बड़े टूर्नामेंटों में मजबूत वापसी पर होगी।
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