Bihar Politics: राबड़ी देवी के आवास विवाद पर RJD का बड़ा हमला, सम्राट चौधरी से पूछे 15 तीखे सवाल

Bihar Politics: राबड़ी देवी के आवास विवाद को लेकर RJD ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर सवाल उठाए हैं। पटना में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में आवास आवंटन, मुख्यमंत्री आवास विस्तार और सरकारी बंगलों को लेकर कई मुद्दे उठाए गए।

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राबड़ी देवी के आवास को लेकर बिहार की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। (Photo: RJD WhatsApp Group)

Highlight
🔴 राबड़ी देवी के आवास को लेकर बिहार की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है।
🔴 RJD ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर आवास आवंटन में पक्षपात का आरोप लगाया है।
🔴 अब्दुल बारी सिद्दीकी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कई सरकारी आवासों के आवंटन पर सवाल उठाए।
🔴 पार्टी ने दावा किया कि विपक्षी नेताओं के साथ अलग व्यवहार किया जा रहा है।
🔴 आवास विवाद को लेकर बिहार की सियासत में आने वाले दिनों में और गर्मी बढ़ सकती है।

Bihar Politics: देश के सबसे गरीब राज्य के मुख्यमंत्री का बंगला भारत का सबसे आलीशान, भव्य और सात सितारा बंगले जैसा है। सम्राट चौधरी का बंगला प्रधानमंत्री के बंगला से भी बड़ा है। मुख्यमंत्री ने पूर्व में उपमुख्यमंत्री के नाम कर्णांकित 5, देशरत्न मार्ग को भी मुख्यमंत्री निवास में मिला लिया है। सम्राट चौधरी ने दिल्ली में बिहार निवास और बिहार भवन के बजाय टाइप-8 बंगला भी लिया है। मुख्यमंत्री ने अपना निवास लगभग 15 एकड़ से भी अधिक में कर लिया है।

बिहार में अभी तक उपमुख्यमंत्री के लिए दो आवास कर्णांकित थे, पहला 5 ,देशरत्न मार्ग और दूसरा 3, स्टैंड रोड, लेकिन सम्राट चौधरी ने पक्षपात करके उपमुख्यमंत्री के नाम कर्णांकित आवास को भी अपने निवास में समाहित कर लिया। सम्राट चौधरी इतने ही नियम और कानून के पाबंद हैं तो फिर उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी और विजेंद्र यादव को पूर्व से कर्णांकित उपमुख्यमंत्री आवास में उन्हें शिफ्ट क्यों नहीं कर रहे हैं? अगर विजय चौधरी और विजेंद्र यादव मंत्री की हैसियत से आवंटित पूर्व के आवास में रह रहे हैं तो फिर दर्जा प्राप्त नेता प्रतिपक्ष बिहार विधान परिषद एवं बिहार की प्रथम महिला मुख्यमंत्री रही राबड़ी देवी के साथ एक अपरिपक्व और राजनीतिक विद्वेषपूर्ण, पक्षपातपूर्ण तथा बदले की भावना वाला व्यवहार क्यों किया जा रहा है? क्या यही आपकी नैतिकता और आचरण है? ईर्ष्या, द्वेष और शत्रुता की भावना से प्रेरित होकर सरकार कार्य कर रही है।

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अब्दुल बारी सिद्दीकी ने आगे कहा कि सम्राट चौधरी जी से हमारे कुछ सवाल हैं, जिनका वो स्वयं जवाब दें:

सम्राट चौधरी ने उपमुख्यमंत्री के लिए कर्णांकित 5, देशरत्न मार्ग को 1 अणे मार्ग में क्यों मिलाया? वर्ष 2019 में पटना हाईकोर्ट में बिहार सरकार ने लिखित में बताया था कि यह बंगला उपमुख्यमंत्री के नाम कर्णांकित है। अब किस नियम के तहत सम्राट चौधरी ने इस आवास को 1 ,अणे मार्ग में मिलाया?
क्या सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री आवास का नाम बदलकर लोक सेवक आवास इसलिए किया ताकि अगल-बगल के बंगलों को इसमें मिलाकर विलासितापूर्ण जीवन जी सकें? भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतिन नवीन 3, टेलर रोड में किस हैसियत से रह रहे हैं? जबकि बिहार में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है।

हाल के दिनों में किसान आयोग के अध्यक्ष के नाम से यह आवास आवंटित किया गया और उसमें नीतिन नवीन का ही कब्जा है। किसान आयोग के अध्यक्ष को इतना बड़ा बंगला दिया गया है तो उसमें आवासीय सुविधा क्यों नहीं है? तरैया के विधायक जनक सिंह को मंत्री का आवास 28/10 कैसे मिला है? पूर्व विधायक ज्ञानेन्द्र सिंह ज्ञानू को किस हैसियत से 23/10 आवंटित किया गया है? सांसद देवेश चन्द्र ठाकुर को 1 टेलर रोड किस हैसियत से मिला है? पूर्व मंत्री राजू सिंह को 11/13 मैंगल्स रोड में किस हैसियत से आवास आवंटित है? करणजीत सिंह, विधायक को हार्डिंग रोड आवास, मनोरमा देवी विधायक को 20/बी हार्डिंग रोड, पूर्व मंत्री कृष्ण कुमार मंटू को 17 हार्डिंग रोड, दीपक कुमार (रिटायर्ड आईएएस) को 3 पोलो रोड बंगला, सांसद संजय झा को एम स्टैंड रोड, सांसद उपेन्द्र कुशवाहा को 24 एम स्टैंड रोड वर्ष 2023 से ही आवंटित है। क्या उन्हें कभी आवास खाली कराने का नोटिस भी दिया गया है, जबकि उनके मंत्री पुत्र और विधायक पत्नी को अलग से आवास आवंटित है?

क्या सभी विधायक, जो केंद्रीय पुल के बंगलों में अनाधिकृत रूप से रह रहे हैं, उन्हें अलग से आवास आवंटित नहीं किया गया है? आयोग के कितने सदस्यों को विपक्षी विधायकों से बड़ा आवास दिया गया है, इसकी सूची सार्वजनिक की जाए। जदयू के आईटी सेल के मुखिया को किस हैसियत से सरकारी आवास आवंटित है और वे उसमें कार्यालय चला रहे हैं? जीतन राम मांझी और नीतीश कुमार दोनों पूर्व मुख्यमंत्री हैं। दोनों के नाम से बंगला आवंटित है, जबकि दोनों सांसद भी हैं। ये दोनों बिहार विधानमंडल के सदस्य भी नहीं हैं। सम्राट चौधरी जी को बताना चाहिए कि दोनों को किस हैसियत से पटना और दिल्ली दोनों जगह बंगला आवंटित है? दोनों पूर्व मुख्यमंत्रियों को जब बंगला आवंटित है तो लालू जी को पूर्व मुख्यमंत्री के रूप में बंगला क्यों नहीं दिया गया? सर्वविदित है कि लालू जी और राबड़ी जी दोनों पूर्व मुख्यमंत्री हैं, लेकिन आवास एक ही आवंटित है।

अगर सरकार राबड़ी देवी जी को नेता प्रतिपक्ष के रूप में नया बंगला आवंटित करती है तो श्री लालू प्रसाद जी भी पूर्व मुख्यमंत्री के नाते आवास के अधिकारी हैं। सम्राट चौधरी जी, आप अपनी सहूलियत के हिसाब से नियम नहीं बना सकते। अगर मंत्री संतोष सुमन और उनकी पत्नी दीपा कुमारी को दो अलग-अलग बंगला आवंटित हैं ,तो लालू जी और राबड़ी देवी जी को दो अलग-अलग बंगला क्यों आवंटित नहीं हो सकते? सम्राट चौधरी को यह बताना चाहिए कि पटना में पाँच सांसदों को किस नियम के तहत बंगले आवंटित किए गए हैं, जबकि पाँचों सांसदों को दिल्ली में बड़ा बंगला मिला हुआ है।

जब हमारी महागठबंधन की सरकार थी तो हमने कभी भी ओछी राजनीति नहीं की? भवन निर्माण विभाग तत्कालीन उपमुख्यमंत्री श्री तेजस्वी जी के पास रहने पर भी उन्होंने निवेदन करने पर कभी भी बीजेपी के वरीय नेताओं श्री प्रेम कुमार श्री नंदकिशोर यादव श्री मंगल पांडे और श्री नितिन नवीन का आवास खाली नहीं कराया था लेकिन सम्राट चौधरी बिहार को अपनी राजनीति बदले की भावना के तहत की जा रही है।

लोक लाज और स्थापित लोकतांत्रिक मूल्य और परंपराओं को त्याग कर सम्राट चौधरी अगर ऐसे ही द्वेषपूर्ण निम्नस्तरीय राजनीति करेंगे तो राष्ट्रीय जनता दल के लोग अपना आवास और सुरक्षा सम्राट चौधरी को वापस देंगे ताकि वह उन सभी आवास और सुरक्षा को स्वयं के प्रयोग में ला सके।
इस अवसर पर राजद के प्रदेश अध्यक्ष श्री मंगनी लाल मंडल ने कहा कि दिल्ली में आवास आवंटन का जो पैरामीटर है, उस पर बिहार में काम क्यों नहीं हो रहा है? जबकि हाईकोर्ट ने जो गाइडलाइन पूर्व में आवास आवंटन के संबंध में निर्धारित की थी, उसका अनुपालन बिहार में भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार नहीं कर रही है। मुख्यमंत्री निवास का विस्तारीकरण सम्राट चौधरी ने किया, उससे पहले नीतीश कुमार जी ने भी किया था। 1 अणे मार्ग के विस्तार में एनडीए की भूमिका से स्पष्ट है कि सुविधा के नाम पर बिहार में सरकार कैसे काम कर रही है। राबड़ी देवी जी के नाम 10 ,सर्कुलर रोड वर्ष 2006 से ही आवंटित है, लेकिन हाल के दिनों में बदले की भावना और अपमानित करने के लिए आवास खाली कराने का नोटिस दिया जा रहा है। जो कहीं से उचित नहीं है।

इस अवसर पर अनुसूचित जाति/जनजाति प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री शिवचन्द्र राम ने कहा कि बिहार में भाजपा और एनडीए सरकार दलितों के नाम पर भटकाव की राजनीति कर रही है। इन्होंने कहा कि मंत्री नन्दकिशोर राम को सरकार मोहरे के तौरपर इस्तेमाल कर रही है, जबकि सच्चाई यह है कि 11 मई 2026 को मंत्री नन्दकिशोर राम के नाम से 21 हार्डिंग रोड को आठ मंत्रियों के साथ भवन निर्माण विभाग के कार्यालय आदेश से आवंटित किया गया था। बाद में भवन निर्माण विभाग ने नन्दकिशोर राम के नाम से 10 सर्कुलर रोड आवास आवंटित किया, इससे सरकार की मंशा स्पष्ट होती है। आवास मामले पर सरकार दलित कार्ड खेलना चाहती है, और लोगों को भ्रम में रखना चाहती है। बिहार की प्रथम महिला मुख्यमंत्री को परेशान करने के नीयत से इस तरह की राजनीति की जा रही है। महिला सशक्तिकरण के नाम पर राबड़ी देवी जी को किस तरह से परेशान किया जा रहा है, यह स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।
श्री शिवचन्द्र राम ने आगे कहा कि बिहार में दलित बेघर हैं, उन्हें घर देने की बात सरकार क्यों नहीं कर रही है? बिहार में दलितों को परेशान करने वाली नीतियाँ चलाई जा रही हैं और गरीबों के घरों को बुलडोजर से गिराए जा रहे हैं। इससे ही पता चलता है कि सरकार दलितों के साथ किस तरह का व्यवहार कर रही है।

इस अवसर पर संवाददाता सम्मेलन में प्रदेश प्रधान महासचिव श्री रणविजय साहू तथा प्रदेश प्रवक्ता एजाज अहमद भी उपस्थित थे।

(एजाज अहमद) प्रदेश प्रवक्ता, राष्ट्रीय जनता दल, बिहार।

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