Solar: दिल्ली समेत उत्तर भारत में सोलर बिजली पर मंडराया संकट, प्रदूषण बना सबसे बड़ी वजह

Solar: दिल्ली समेत उत्तर भारत में कोयला आधारित पावर प्लांटों का प्रदूषण सौर ऊर्जा उत्पादन को गंभीर रूप से प्रभावित कर रहा है। नई रिसर्च के अनुसार उत्तर भारत में 20% और दिल्ली-एनसीआर में 17% तक सोलर बिजली का नुकसान हो रहा है। जानिए पूरी रिपोर्ट।

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उत्तर भारत में प्रदूषण की वजह से सौर ऊर्जा उत्पादन में 20% तक गिरावट दर्ज हुई।
  • Highlights
  • उत्तर भारत में प्रदूषण की वजह से सौर ऊर्जा उत्पादन में 20% तक गिरावट दर्ज हुई।
  • दिल्ली-एनसीआर में सोलर बिजली उत्पादन पर करीब 17% असर पड़ने का दावा।
  • कोयला आधारित पावर प्लांटों से निकलने वाला धुआं सूरज की रोशनी को प्रभावित कर रहा है।
  • वैश्विक स्तर पर 2023 में सौर ऊर्जा उत्पादन में 5.8% की कमी दर्ज की गई।
  • विशेषज्ञों ने स्वच्छ ऊर्जा बढ़ाने और प्रदूषण नियंत्रण पर जोर दिया।

Solar: Patna। देश में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए लगातार सोलर ऊर्जा पर जोर दिया जा रहा है, लेकिन एक नई वैज्ञानिक रिपोर्ट ने चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्ट के मुताबिक कोयला आधारित बिजलीघरों से निकलने वाला प्रदूषण सौर ऊर्जा उत्पादन को गंभीर रूप से प्रभावित कर रहा है। इसका सबसे ज्यादा असर दिल्ली-एनसीआर और उत्तर भारत में देखने को मिल रहा है।

प्रदूषण की परत रोक रही सूरज की रोशनी
वैज्ञानिकों के अनुसार कोयले के पावर प्लांटों से निकलने वाले धुएं और सूक्ष्म कणों की वजह से सूरज की रोशनी सोलर पैनलों तक पूरी क्षमता से नहीं पहुंच पा रही है। परिणामस्वरूप सोलर बिजली उत्पादन में उल्लेखनीय कमी दर्ज की जा रही है।

रिपोर्ट के अनुसार उत्तर भारत में औसतन 20 प्रतिशत और दिल्ली-एनसीआर में करीब 17 प्रतिशत तक सौर ऊर्जा उत्पादन प्रभावित हो रहा है।

किस देश में कितना हो रहा नुकसान

रिसर्च में क्या सामने आया?
ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन (UCL) के वैज्ञानिकों द्वारा की गई रिसर्च में बताया गया है कि वायु प्रदूषण केवल स्वास्थ्य ही नहीं बल्कि स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन के लिए भी बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण नहीं किया गया तो भविष्य में सौर ऊर्जा परियोजनाओं की क्षमता पर और अधिक असर पड़ सकता है।

2023 में दुनिया को हुआ बड़ा नुकसान
रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2023 में वायु प्रदूषण के कारण वैश्विक स्तर पर सौर ऊर्जा उत्पादन में 5.8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

इससे करीब 111 टेरावॉट घंटे स्वच्छ बिजली का नुकसान हुआ, जो लगभग 18 मध्यम आकार के कोयला आधारित बिजलीघरों के एक वर्ष के उत्पादन के बराबर माना गया है।

दिल्ली-एनसीआर के पावर प्लांट भी सवालों के घेरे में

दिल्ली और आसपास संचालित कई कोयला आधारित बिजलीघरों पर पहले भी प्रदूषण नियंत्रण मानकों का पालन नहीं करने के आरोप लग चुके हैं। संबंधित एजेंसियां समय-समय पर नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई भी करती रही हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि स्वच्छ ऊर्जा के लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रदूषण नियंत्रण के उपायों को और प्रभावी बनाना जरूरी होगा।

घर पर सोलर सिस्टम कैसे लगवाएं?
अगर आप अपने घर की बिजली का खर्च कम करना चाहते हैं तो सबसे पहले अपनी मासिक बिजली खपत का आकलन करें।

इसके बाद सरकार द्वारा अधिकृत विक्रेता का चयन करें या PM Surya Ghar Yojana के तहत आवेदन करें। पात्रता के अनुसार सब्सिडी का लाभ लेकर ऑन-ग्रिड या जरूरत के अनुसार उपयुक्त सोलर सिस्टम लगवाया जा सकता है।

निष्कर्ष
भारत तेजी से स्वच्छ ऊर्जा की ओर बढ़ रहा है, लेकिन बढ़ता वायु प्रदूषण इस दिशा में बड़ी चुनौती बनकर सामने आया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि प्रदूषण नियंत्रण के प्रभावी कदम उठाए जाएं तो सौर ऊर्जा उत्पादन की क्षमता में उल्लेखनीय सुधार संभव है।

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