Highlight
- जमुई में नाबालिग छात्रा से कथित बदसलूकी के मामले पर JDU प्रदेश अध्यक्ष का बयान विवादों में आ गया है।
- उमेश कुशवाहा के ‘छिटपुट घटना’ वाले बयान पर RJD नेता शक्ति यादव ने तीखी प्रतिक्रिया दी।
- विवाद बढ़ने के बाद उमेश कुशवाहा ने एक्स पर पोस्ट कर घटना को शर्मनाक और अमानवीय बताया।
- जमुई मामले में SIT गठन और तीन आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है।
- राष्ट्रीय महिला आयोग ने घटना का संज्ञान लेते हुए कार्रवाई और रिपोर्ट की मांग की है।
पटना/जमुई: बिहार के जमुई जिले में नाबालिग छात्रा के साथ कथित छेड़छाड़ और बदसलूकी के मामले ने राजनीतिक रूप ले लिया है। घटना को लेकर जनता दल यूनाइटेड (JDU) के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा के बयान पर विपक्षी राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने सवाल उठाए हैं। विवाद बढ़ने के बाद उमेश कुशवाहा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर घटना की निंदा की और सरकार की कार्रवाई का उल्लेख किया।
मीडिया से बातचीत के दौरान उमेश कुशवाहा ने जमुई की घटना को लेकर सरकार की संवेदनशीलता का जिक्र किया। उन्होंने बिहार में वर्ष 2005 से पहले की स्थिति का हवाला देते हुए कहा कि आज किसी घटना के सामने आने पर प्रशासन कार्रवाई करता है और आरोपियों को गिरफ्तार किया जाता है।
उनके बयान में ‘छिटपुट घटना’ शब्द के इस्तेमाल को लेकर विपक्ष ने आपत्ति जताई। इस टिप्पणी को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।
क्या कहा JDU प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने?
उमेश कुशवाहा ने कहा कि यदि कोई छिटपुट घटना होती है, तो सरकार संवेदनशील है। उन्होंने 2005 से पहले के बिहार का जिक्र करते हुए दावा किया कि उस समय लोग घर से बाहर निकलने में डरते थे।
उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान समय में किसी घटना के सामने आने पर प्रशासन कार्रवाई करता है और अपराधी कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, पुलिस की कार्रवाई से बच नहीं सकता।
हालांकि, उनके बयान में इस्तेमाल किए गए शब्दों को लेकर RJD सहित विपक्षी नेताओं ने सवाल उठाए हैं।
RJD नेता शक्ति यादव ने साधा निशाना
JDU प्रदेश अध्यक्ष के बयान पर RJD नेता शक्ति यादव ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि नाबालिग छात्रा के साथ हुई कथित बदसलूकी को ‘छिटपुट घटना’ बताना उचित नहीं है।
शक्ति यादव ने आरोप लगाया कि सरकार की छवि को बचाने के लिए गंभीर मामले को छोटा करके प्रस्तुत करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने बिहार में कानून-व्यवस्था और लड़कियों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठाए।
RJD नेता ने सरकार के उन दावों पर प्रश्न खड़े किए, जिनमें बिहार में कानून का राज और महिलाओं की सुरक्षा की बात कही जाती है। ये विपक्ष की राजनीतिक प्रतिक्रियाएं हैं; मामले की जांच और आधिकारिक तथ्यों के आधार पर आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
बाद में उमेश कुशवाहा ने एक्स पर दी सफाई
विवाद बढ़ने के बाद उमेश कुशवाहा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए अपनी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने जमुई में नाबालिग छात्रा के साथ हुई घटना को शर्मनाक, अमानवीय और निंदनीय बताया।
उन्होंने कहा कि ऐसी घटना को किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार नहीं किया जा सकता। अपने स्पष्टीकरण में उन्होंने दावा किया कि मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल यानी SIT का गठन किया गया है और तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की बात भी कही गई।
उमेश कुशवाहा ने पीड़ित परिवार को समयबद्ध न्याय दिलाने का आश्वासन देते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जमुई मामले में अब तक क्या सामने आया?
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 19 सितंबर की शाम जमुई क्षेत्र में दो नाबालिग छात्र-छात्राओं को कुछ युवकों ने कथित तौर पर रोका और उनके साथ बदसलूकी की। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया।
रिपोर्टों में बताया गया है कि पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है और अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है। मामले में FIR और जांच की प्रक्रिया चल रही है। राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी घटना का संज्ञान लेते हुए कार्रवाई और रिपोर्ट की मांग की है।
निष्कर्ष
जमुई की घटना पर JDU प्रदेश अध्यक्ष के शुरुआती बयान और बाद में जारी स्पष्टीकरण के कारण राजनीतिक बहस तेज हो गई है। जहां RJD ने बयान को लेकर सरकार पर निशाना साधा है, वहीं उमेश कुशवाहा ने घटना की निंदा करते हुए पुलिस कार्रवाई और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की बात कही है।
मामले में आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और जांच की प्रगति पर आगे की जानकारी आधिकारिक पुलिस बयानों के आधार पर सामने आएगी।
