Highlight
- बिहार बाढ़ संकट पर तेजस्वी यादव ने सरकार से प्रभावित परिवारों के लिए ₹15 हजार सहायता की मांग की।
- तेजस्वी ने बाढ़ और सुखाड़ से किसानों को हुए नुकसान का सर्वेक्षण कराने की अपील की।
- प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के बिहार दौरे को लेकर नेता प्रतिपक्ष ने उठाए सवाल।
- राहत शिविर, सामुदायिक रसोई और बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद को लेकर तेजस्वी ने सरकार को घेरा।
- बिहार बाढ़ पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहत, मुआवजा और केंद्र से सहायता का मुद्दा प्रमुख रहा।
Bihar Flood Crisis: पटना, 20 सितंबर 2026: बिहार में बाढ़ और सूखे की स्थिति को लेकर राजनीति तेज हो गई है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने रविवार को पटना स्थित अपने आवास पर आयोजित संवाददाता सम्मेलन में केंद्र और राज्य सरकार पर सवाल उठाए।
तेजस्वी यादव ने दावा किया कि बिहार पिछले 28 दिनों से बाढ़ की समस्या से जूझ रहा है, जबकि कई क्षेत्रों में कम बारिश के कारण सूखे जैसी स्थिति बनी हुई है। उन्होंने बाढ़ प्रभावित लोगों को तत्काल आर्थिक सहायता देने और किसानों की फसल क्षति का सर्वेक्षण कराने की मांग की।
रिपोर्टों के अनुसार, तेजस्वी यादव ने बाढ़ और सूखे से प्रभावित परिवारों के लिए ₹15,000 की तत्काल सहायता की मांग रखी। यह उनकी ओर से की गई मांग है, न कि सरकार द्वारा घोषित राहत राशि।
कम बारिश से फसलों को नुकसान का दावा
प्रेस कॉन्फ्रेंस में तेजस्वी यादव ने कहा कि राज्य में बारिश सामान्य से काफी कम हुई है और इसके कारण किसानों की खड़ी फसलों पर असर पड़ा है। उन्होंने सूखे की स्थिति का सरकारी स्तर पर आकलन कराने की मांग की।
उन्होंने आरोप लगाया कि धान, मक्का, सब्जियों और केले की फसल को नुकसान पहुंचा है। तेजस्वी ने कहा कि प्रभावित किसानों को फसल नुकसान के आधार पर जल्द मुआवजा उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
हालांकि, फसल क्षति और बारिश से जुड़े आंकड़ों की अंतिम पुष्टि के लिए सरकारी सर्वेक्षण और संबंधित विभाग की रिपोर्ट महत्वपूर्ण होगी।
बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए राहत की मांग
तेजस्वी यादव ने दावा किया कि बिहार में लगभग 50 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। उन्होंने राहत शिविरों और सामुदायिक रसोई की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए।
उनका आरोप था कि कई स्थानों पर राहत शिविर और सामुदायिक रसोई कुछ दिनों के बाद बंद कर दिए गए। उन्होंने सरकार से मांग की कि जिन परिवारों के घर क्षतिग्रस्त हुए हैं या जिनका जरूरी सामान बाढ़ में बह गया है, उन्हें लगातार राहत और पुनर्वास सहायता दी जाए।
बिहार में बाढ़ से प्रभावित लोगों की संख्या को लेकर अलग-अलग रिपोर्टों में आंकड़ों में अंतर दिखाई देता है। इसलिए स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग के आधिकारिक आंकड़ों को अंतिम संदर्भ माना जाना चाहिए।
प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के दौरे को लेकर सवाल
तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बिहार दौरे को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बिहार के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का शीर्ष नेतृत्व द्वारा दौरा किया जाना चाहिए।
उन्होंने बिहार भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष की भूमिका पर टिप्पणी करते हुए सवाल किया कि राज्य के लिए केंद्र से पर्याप्त राहत सहायता क्यों नहीं लाई जा रही है।
तेजस्वी यादव के ये बयान विपक्षी दल के राजनीतिक आरोप और मांगों के रूप में सामने आए हैं। केंद्र और राज्य सरकार का आधिकारिक पक्ष इन आरोपों के संदर्भ में महत्वपूर्ण रहेगा।
केंद्रीय मंत्री के दौरे की रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग
तेजस्वी यादव ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बिहार दौरे का उल्लेख करते हुए मांग की कि बाढ़, राहत, पुनर्वास और फसल नुकसान के आकलन से जुड़ी रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि बाढ़ और सूखे से प्रभावित किसानों के लिए केंद्र और राज्य सरकार की ओर से क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
PM CARES Fund और राहत राशि पर सवाल
प्रेस कॉन्फ्रेंस में तेजस्वी यादव ने PM CARES Fund के माध्यम से बिहार को सहायता दिए जाने को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने केंद्र से बिहार के लिए विशेष राहत और आर्थिक सहायता की मांग की।
उन्होंने आरोप लगाया कि बाढ़ प्रभावित लोगों की जरूरतों की तुलना में अन्य आयोजनों पर खर्च को प्राथमिकता दी जा रही है। इस संदर्भ में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर आयोजित दीप प्रज्वलन कार्यक्रम को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। इसी तरह के बयान पर 20 सितंबर को कई मीडिया रिपोर्टें प्रकाशित हुई हैं।
बाढ़ पीड़ितों के लिए ₹15 हजार सहायता की मांग
तेजस्वी यादव ने मांग की कि बाढ़ और सुखाड़ से प्रभावित परिवारों को तत्काल 15 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए। उन्होंने किसानों की फसल क्षति का सर्वेक्षण कर जल्द मुआवजा देने की भी अपील की।
उन्होंने कहा कि आपदा की स्थिति में प्रभावित लोगों को राहत, भोजन, रहने की सुविधा और आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में राजद नेता रहे मौजूद
इस अवसर पर राजद नेता शक्ति सिंह यादव और एजाज अहमद भी मौजूद रहे। प्रेस कॉन्फ्रेंस में बिहार की बाढ़, सूखे, किसानों की स्थिति, राहत कार्यों और केंद्र से सहायता को लेकर कई मुद्दे उठाए गए।
तेजस्वी यादव की मांगों पर सरकार की ओर से आगे क्या प्रतिक्रिया आती है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।
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