- Highlight
- बांकीपुर उपचुनाव को लेकर जन सुराज ने चुनाव आयोग में दर्ज कराई आपत्ति।
- जीविका दीदियों की चुनाव ड्यूटी पर रोक लगाने की मांग की गई।
- पटना DM को चुनाव कार्य से अलग करने की भी अपील की गई।
- जन सुराज ने 24 घंटे के भीतर कार्रवाई नहीं होने पर धरने की चेतावनी दी।
- चुनाव आयोग को सौंपे गए ज्ञापन के बाद बिहार की सियासत में नई चर्चा शुरू हो गई है।
Bankipur By poll: पटना: बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर बिहार की राजनीति में एक नया घटनाक्रम सामने आया है। जन सुराज पार्टी के एक शिष्टमंडल ने चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग को लेकर बिहार चुनाव आयोग के चुनाव पर्यवेक्षक को ज्ञापन सौंपा। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व पूर्व विधायक किशोर कुमार मुन्ना ने किया।
ज्ञापन में पार्टी ने दो प्रमुख मांगें उठाईं। पहली मांग यह है कि आदर्श आचार संहिता लागू रहने के दौरान जीविका दीदियों सहित गैर एवं अर्ध-सरकारी कर्मियों की चुनाव कार्य में प्रतिनियुक्ति नहीं की जाए। पार्टी का कहना है कि इससे चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठ सकते हैं।
दूसरी मांग पटना के जिलाधिकारी (DM) को लेकर की गई है। जन सुराज ने आरोप लगाया है कि आदर्श आचार संहिता के दौरान सरकारी पद की निष्पक्षता बनाए रखना आवश्यक है। इसी आधार पर पार्टी ने पटना DM को 3 अगस्त तक बांकीपुर उपचुनाव से जुड़े चुनावी कार्यों से अलग रखने की मांग चुनाव आयोग के समक्ष रखी।
पार्टी की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में यह भी कहा गया कि चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए, ताकि सभी राजनीतिक दलों और मतदाताओं का लोकतांत्रिक व्यवस्था पर विश्वास बना रहे।
जन सुराज के प्रतिनिधिमंडल में बांकीपुर विधानसभा चुनाव प्रभारी रामबली चन्द्रवंशी, पूर्व विधायक किशोर कुमार मुन्ना और पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता कुमार सौरभ सिंह शामिल रहे। प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव पर्यवेक्षक से मांग की कि उनकी शिकायतों पर शीघ्र विचार किया जाए।
पार्टी ने यह भी कहा कि यदि अगले 24 घंटे के भीतर उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होती है, तो जन सुराज के पदाधिकारी और बांकीपुर से पार्टी के उम्मीदवार प्रशांत किशोर चुनाव आयोग कार्यालय के बाहर शांतिपूर्ण धरना देंगे।
हालांकि, इस मामले में चुनाव आयोग की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, जिन आरोपों का उल्लेख ज्ञापन में किया गया है, उन पर संबंधित अधिकारियों की ओर से भी सार्वजनिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बांकीपुर उपचुनाव पहले से ही विभिन्न राजनीतिक दलों के लिए प्रतिष्ठा का विषय बना हुआ है। ऐसे में चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी हर शिकायत और मांग पर सभी की नजर बनी हुई है। चुनाव आयोग की आगामी कार्रवाई इस पूरे मामले में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
अब देखना होगा कि आयोग जन सुराज की मांगों पर क्या निर्णय लेता है और क्या इस मुद्दे का असर बांकीपुर उपचुनाव की राजनीतिक गतिविधियों पर पड़ता है।
बांकीपुर उपचुनाव को लेकर जन सुराज पार्टी ने चुनाव आयोग से दो अहम मांगें की हैं। पार्टी ने जीविका दीदियों की चुनावी प्रतिनियुक्ति रोकने और पटना DM को चुनाव कार्य से अलग रखने की अपील की है। साथ ही 24 घंटे के भीतर कार्रवाई नहीं होने पर धरने की चेतावनी भी दी गई है। यह घटनाक्रम बिहार की राजनीति में नई चर्चा का विषय बन गया है।
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